11.5.1 PMLA का परिचय (Introduction to PMLA)
Prevention of Money Laundering Act, 2002 (PMLA) मनी लॉन्ड्रिंग के विरुद्ध भारत का प्रमुख कानून है। साइबर अपराधों से प्राप्त धन को "Proceeds of Crime" माना जाता है और PMLA लागू होता है।
PMLA का उद्देश्य
- Money Laundering रोकना: अपराध से प्राप्त धन को वैध दिखाने की प्रक्रिया
- Proceeds of Crime की जब्ती: अपराध से प्राप्त संपत्ति की कुर्की
- International Cooperation: सीमा पार मनी लॉन्ड्रिंग रोकना
धारा 3 PMLA: "जो कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपराध की आय से संबंधित किसी प्रक्रिया या गतिविधि में शामिल होता है और इसे अप्रत्यक्ष संपत्ति के रूप में प्रक्षेपित करता है, वह मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी होगा।"
11.5.2 Predicate Offence (मूल अपराध)
PMLA तभी लागू होता है जब कोई Scheduled Offence (अनुसूचित अपराध) हुआ हो। साइबर अपराध PMLA की अनुसूची में शामिल हैं।
साइबर अपराध जो PMLA में शामिल
| अपराध | मूल अधिनियम | PMLA Schedule |
|---|---|---|
| Cyber Fraud (₹1 करोड़+) | IT Act + BNS | Part B |
| Online Financial Fraud | BNS 318 | Part A |
| Cryptocurrency Fraud | IT Act 66 | Part B |
| Bank Fraud (₹1 करोड़+) | Banking Regulation Act | Part A |
Threshold Limit
- ₹1 करोड़: अधिकांश साइबर/बैंकिंग फ्रॉड के लिए
- कोई सीमा नहीं: Narcotics, Terror Financing
11.5.3 ED की शक्तियां (ED Powers)
Enforcement Directorate (ED)
ED वित्त मंत्रालय के अधीन PMLA का प्रवर्तन करने वाली एजेंसी है।
ED की प्रमुख शक्तियां
- धारा 5 - Attachment: संपत्ति की अनंतिम कुर्की
- धारा 8 - Confiscation: संपत्ति की जब्ती
- धारा 17 - Search & Seizure: तलाशी और जब्ती
- धारा 19 - Arrest: गिरफ्तारी की शक्ति
- धारा 50 - Summons: किसी को भी बुलाने की शक्ति
- Reverse Burden of Proof: आरोपी को निर्दोषता सिद्ध करनी होती है
- Bail Restrictions: धारा 45 - जमानत कठिन
- Attachment before Conviction: दोषसिद्धि से पहले कुर्की
11.5.4 संपत्ति कुर्की (Attachment)
Provisional Attachment (धारा 5)
- अवधि: 180 दिन (Adjudicating Authority Confirmation तक)
- शर्त: Proceeds of Crime का होना आवश्यक
- प्रभाव: संपत्ति का हस्तांतरण प्रतिबंधित
Confirmation by Adjudicating Authority
- ED को 30 दिन में Original Complaint दायर करनी होती है
- Adjudicating Authority सुनवाई के बाद Confirm/Release
- Appeal: Appellate Tribunal → High Court → Supreme Court
Confiscation (धारा 8)
Trial पूरा होने और दोषसिद्धि के बाद संपत्ति का स्थायी जब्ती आदेश।
11.5.5 साइबर अपराध में PMLA (PMLA in Cyber Crime)
कब लागू होता है PMLA?
- साइबर धोखाधड़ी ₹1 करोड़ से अधिक
- अपराध से प्राप्त धन का Layering/Integration
- Multiple Bank Accounts में Transfer
- Cryptocurrency में Conversion
केस स्टडी: Cosmos Bank Hack
तथ्य: 2018 में Cosmos Bank से ₹94 करोड़ की हैकिंग।
PMLA Action: ED ने जांच शुरू की, संपत्तियां कुर्क, Arrest।
सबक: बड़े साइबर फ्रॉड में PMLA अनिवार्य रूप से लागू होता है।
जो व्यक्ति अपना Account धोखाधड़ी के लिए देते हैं (Mule), वे भी PMLA धारा 3 के तहत दोषी हो सकते हैं - "Proceeds of Crime से संबंधित गतिविधि में शामिल होना"।
11.5.6 बचाव और अपील (Defense & Appeal)
PMLA में बचाव
- Predicate Offence नहीं: यदि मूल अपराध Schedule में नहीं
- Threshold से कम: ₹1 करोड़ से कम राशि
- Legitimate Source: संपत्ति का वैध स्रोत सिद्ध करना
- No Knowledge: अपराध की जानकारी नहीं थी
अपील प्रक्रिया
| स्तर | Forum | समय सीमा |
|---|---|---|
| 1 | Adjudicating Authority | ED द्वारा 30 दिन में |
| 2 | Appellate Tribunal | 45 दिन |
| 3 | High Court | 60 दिन |
| 4 | Supreme Court | SLP |
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- PMLA: ₹1 करोड़+ साइबर फ्रॉड में लागू
- ED: Attachment, Search, Arrest की शक्तियां
- Reverse Burden: आरोपी को निर्दोषता सिद्ध करनी होती है
- Bail कठिन: धारा 45 - Twin Test
- Mule Accounts: खाता देने वाले भी दोषी
- Appeal: AA → AT → HC → SC
