भाग 8.5 / 7

Due Diligence और Platform दायित्व

सक्रिय बनाम निष्क्रिय मध्यस्थ भेद, E-commerce Platform दायित्व, Content Moderation, AI चुनौतियां, और "Enablement" परीक्षण।

~75 मिनट 5 खंड

8.5.1 सक्रिय बनाम निष्क्रिय मध्यस्थ

Christian Louboutin बनाम Nakul Bajaj (2018) में दिल्ली HC ने Active vs Passive Intermediary का महत्वपूर्ण भेद स्थापित किया।

निष्क्रिय मध्यस्थ (Passive)

  • केवल Platform प्रदान करता है
  • सामग्री में हस्तक्षेप नहीं
  • लेनदेन में भाग नहीं
  • उदाहरण: Search Engine, ISP
  • Safe Harbour: मजबूत छूट

सक्रिय मध्यस्थ (Active)

  • लेनदेन में सक्रिय भूमिका
  • सामग्री का क्यूरेशन/रैंकिंग
  • विक्रेता सत्यापन, गुणवत्ता आश्वासन
  • उदाहरण: Amazon, Flipkart
  • Safe Harbour: सीमित छूट
"Where an e-commerce entity goes beyond being a mere platform and starts controlling the transaction, it cannot claim the benefit of safe harbour." Christian Louboutin बनाम Nakul Bajaj (2018)
Amazon बनाम Amway विवाद

Amazon बनाम Amway (2020) में दिल्ली HC की Division Bench ने कहा कि धारा 79 में Active/Passive भेद नहीं है - यह सभी मध्यस्थों पर लागू होती है। यह Christian Louboutin से विपरीत दृष्टिकोण है।

8.5.2 "Enablement" परीक्षण

Google LLC बनाम DRS Logistics (2023) में दिल्ली HC ने Keyword Advertising के संदर्भ में "Enablement Test" प्रस्तुत किया।

Enablement Test के तत्व

  • सक्रिय भूमिका: क्या Platform ने उल्लंघन को सक्षम किया?
  • वाणिज्यिक लाभ: क्या Platform को उल्लंघन से लाभ हुआ?
  • नियंत्रण: क्या Platform के पास उल्लंघन रोकने का नियंत्रण था?
  • ज्ञान: क्या Platform को उल्लंघन का ज्ञान था या होना चाहिए था?
व्यावहारिक प्रभाव

Keyword Advertising में यदि Platform किसी ट्रेडमार्क को Keyword के रूप में बेचता है और इससे लाभ कमाता है, तो वह "Enabler" हो सकता है और Safe Harbour खो सकता है।

8.5.3 Content Moderation

IT Rules 2021 के तहत Content Moderation

  • Rule 3(1)(b): 11 प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री की सूची
  • Rule 4(4): SSMI के लिए Automated Tools का उपयोग
  • CSAM: Child Sexual Abuse Material की सक्रिय पहचान

Moderation की चुनौतियां

  • Scale: करोड़ों पोस्ट की मैन्युअल जांच असंभव
  • Context: AI को संदर्भ समझने में कठिनाई
  • भाषा: भारतीय भाषाओं में Moderation की कमी
  • False Positives: वैध सामग्री का गलत हटाना
प्रतिबंधित सामग्री (Rule 3(1)(b))
भारत की एकता, अखंडता, रक्षा, सुरक्षा के विरुद्ध
विदेशी राज्यों से संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव
सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने वाली
संज्ञेय अपराध के लिए उकसाने वाली
बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM)
महिलाओं के प्रति अपमानजनक
मानहानिकारक, अश्लील, पीडोफिलिक

8.5.4 AI Moderation की चुनौतियां

वर्तमान AI की सीमाएं

  • Satire/Parody: व्यंग्य और पैरोडी की पहचान में कठिनाई
  • Cultural Context: सांस्कृतिक संदर्भ की समझ का अभाव
  • Regional Languages: भारतीय भाषाओं में कमज़ोर प्रदर्शन
  • Deepfakes: तेज़ी से विकसित होती Deepfake तकनीक

2025 Deepfake नियम

  • Detection Tools: Deepfake पहचान के लिए AI Tools का उपयोग
  • Labeling: AI-Generated Content को स्पष्ट रूप से लेबल करना
  • 36-Hour Removal: Deepfake शिकायत पर 36 घंटे में कार्रवाई

8.5.5 E-commerce Platform दायित्व

Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020

  • विक्रेता सत्यापन: Marketplace को विक्रेता की पहचान सत्यापित करनी होगी
  • उत्पाद जानकारी: सटीक उत्पाद विवरण सुनिश्चित करना
  • शिकायत निवारण: Grievance Officer की नियुक्ति
  • Country of Origin: उत्पाद की उत्पत्ति का देश दर्शाना

FDI Policy और Marketplace

  • Marketplace Model: केवल Platform, Inventory नहीं
  • Inventory Model: FDI प्रतिबंध
  • Affiliate Sellers: 25% से अधिक बिक्री एक विक्रेता से नहीं

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • Active/Passive: सक्रिय मध्यस्थ की Safe Harbour सीमित (Christian Louboutin)
  • Enablement Test: लाभ + नियंत्रण + ज्ञान = दायित्व (Google v. DRS)
  • Content Moderation: Rule 3(1)(b) में 11 प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री
  • AI Challenges: Context, Languages, Deepfakes में सीमाएं
  • E-commerce: Consumer Protection Rules + FDI Policy का पालन