6.6.1 IT अधिनियम में जमानत की विशेषताएं
IT अधिनियम में कोई विशेष जमानत प्रतिबंध नहीं है। अधिकांश IT अधिनियम अपराध जमानतयोग्य हैं और सामान्य BNSS प्रावधान लागू होते हैं।
IT अधिनियम अपराधों का वर्गीकरण
| धारा | अपराध | सजा | जमानत स्थिति |
|---|---|---|---|
| 66 | कंप्यूटर संबंधित अपराध | 3 वर्ष | जमानतयोग्य |
| 66C | पहचान की चोरी | 3 वर्ष | जमानतयोग्य |
| 66D | प्रतिरूपण | 3 वर्ष | जमानतयोग्य |
| 66E | गोपनीयता उल्लंघन | 3 वर्ष | जमानतयोग्य |
| 66F | साइबर आतंकवाद | आजीवन | गैर-जमानतयोग्य |
| 67 | अश्लील सामग्री | 3-5 वर्ष | जमानतयोग्य |
| 67A | यौन सामग्री | 5-7 वर्ष | जमानतयोग्य |
| 67B | CSAM | 5-7 वर्ष | जमानतयोग्य |
IT अधिनियम में PMLA या UAPA जैसे कठोर जमानत प्रतिबंध नहीं हैं। यह साइबर अपराधियों के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल है।
अपवाद: धारा 66F (साइबर आतंकवाद) गैर-जमानतयोग्य है और इसमें UAPA जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।
6.6.2 PMLA और साइबर अपराध
जब साइबर धोखाधड़ी में धन शोधन (Money Laundering) शामिल हो, तब PMLA (Prevention of Money Laundering Act) लागू हो सकता है।
PMLA धारा 45 - Twin Conditions
PMLA धारा 45 के तहत जमानत के लिए Twin Conditions पूरी करनी होंगी:
- शर्त 1: न्यायालय को यह विश्वास हो कि अभियुक्त दोषी नहीं है
- शर्त 2: न्यायालय को यह संतुष्टि हो कि जमानत पर रहते हुए अभियुक्त अपराध नहीं करेगा
नोट: सुप्रीम कोर्ट ने Vijay Madanlal Choudhary (2022) में Twin Conditions को वैध माना, लेकिन इसके कठोर अनुप्रयोग पर चिंता जताई।
साइबर धोखाधड़ी में PMLA कब लागू
- बड़ी राशि: साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का "laundering"
- क्रिप्टो: क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से धन शोधन
- मनी म्यूल: धोखाधड़ी की राशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करना
- संगठित अपराध: साइबर अपराध सिंडिकेट
6.6.3 UAPA और साइबर आतंकवाद
IT अधिनियम धारा 66F (साइबर आतंकवाद) के मामलों में कभी-कभी UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) भी जोड़ा जाता है।
UAPA धारा 43D(5) - कठोर जमानत शर्तें
- Prima Facie Case: यदि आरोप पत्र सही प्रतीत हो, जमानत नहीं
- अभियोजन को सुनना: अभियोजन की आपत्तियां महत्वपूर्ण
- 90 दिन डिफ़ॉल्ट: 180 दिन तक विस्तार संभव
धारा 66F + UAPA के मामलों में:
- Prima Facie Case को चुनौती दें - साक्ष्य की विश्वसनीयता पर सवाल
- "आतंकवाद" की परिभाषा पर तर्क - क्या वास्तव में आतंकी कृत्य है?
- NIA v. Zahoor Watali (2019) - प्राइमा फेसी परीक्षण की सीमाएं
- Union of India v. K.A. Najeeb (2021) - लंबी निरोध अवधि का तर्क
6.6.4 IT Act + BNS संयुक्त धाराओं में रणनीति
अधिकांश साइबर अपराध FIR में IT अधिनियम और BNS दोनों की धाराएं होती हैं।
रणनीति
- सबसे गंभीर धारा देखें: जमानत सबसे गंभीर अपराध के अनुसार
- IT धाराओं पर जोर: IT धाराएं अक्सर कम गंभीर और जमानतयोग्य
- BNS धाराओं को चुनौती: क्या BNS धाराएं वास्तव में लागू होती हैं?
- Arnesh Kumar: यदि सभी धाराओं में सजा 7 वर्ष से कम - guidelines लागू
FIR में: IT 66 + IT 66D + BNS 318 + BNS 319
विश्लेषण:
- IT 66: 3 वर्ष - जमानतयोग्य
- IT 66D: 3 वर्ष - जमानतयोग्य
- BNS 318: 7 वर्ष - गैर-जमानतयोग्य
- BNS 319: 3 वर्ष - जमानतयोग्य
परिणाम: BNS 318 के कारण गैर-जमानतयोग्य, लेकिन सभी धाराएं 7 वर्ष या कम - Arnesh Kumar लागू
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- IT Act अनुकूल: अधिकांश धाराएं जमानतयोग्य - कोई Twin Conditions नहीं
- 66F अपवाद: साइबर आतंकवाद गैर-जमानतयोग्य - UAPA जैसी कठोरता संभव
- PMLA जोखिम: बड़ी धोखाधड़ी में Money Laundering - Twin Conditions
- संयुक्त धाराएं: सबसे गंभीर धारा के अनुसार जमानत - IT धाराओं पर जोर दें
